प्रयागराज: मण्डलायुक्त आर. रमेश कुमार की अध्यक्षता में गुरूवार को गांधी सभागार में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण एवं विभागों की और से की जाने वाली कार्यवाही के संदर्भ में बैठक आयोजित की गयी । मण्डलायुक्त ने बैठक में निर्देशित किया कि सभी जनपदों में आज से पूरे अक्टूबर माह तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को इससे सम्बंधित तैयारियां पूरी रखने और कोविड-19 की गाइड-लाइन का अनुपालन करते हुए पूरे अभियान को संचालित करने के लिए निर्देश भी दिए ।
फागिंग करायी जायेगी
इस कार्य में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही नगर विकास, पंचायतीराज, पशुपालन, चिकित्सा शिक्षा, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, कृषि एवं सिंचाई विभाग मिलकर काम करेंगे। सभी विभागों के माध्यम से जनसमुदाय में जनजागरूकता कार्यक्रम के साथ ही 1 से 15 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलाया जायेगा, जिसमें आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाकर व्यापक स्तर प्रचार-प्रसार कराया जायेगा । आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर आमजन को मच्छर जनित रोगो खासकर डेंगू, मलेरिया व दिमागी बुखार से बचाव के बारे में जागरूक करेंगी और लोगो को मच्छरों के पनपने की परिस्थितियों के बारे में जानकारी देंगी। इसके साथ ही बुखार से ग्रस्त रोगियों की सूचना ब्लाक मुख्यालय को देंगी। सम्बंधित विभागों द्वारा ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में नालियों और जमें हुए पानी में एंटी लार्वा का छिड़काव और फागिंग करायी जायेगी ।
निर्देश सम्बंधित
मण्डलायुक्त ने कहा कि कोरोना के चलते लोग स्वंय साफ-सफाई का ध्यान दे रहे है, इससे संचारी रोगों के फैलने का खतरा कम होगा। उन्होंने लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए कहा। इस कार्य में आशाओं के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी पूरा सहयोग करें। वीएचएनडी के माध्यम से संचारी रोग और दिमांगी बुखार के रोकथाम हेतु क्या करें और क्या न करें का सघन प्रचार-प्रसार कराया जाये। साथ ही पशुपालन विभाग को सूकर पालन और पशुपालन स्थलों पर विशेष रूप से कीटनाशकों का छिड़काव करने के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिये।
Special communicable disease control campaign meeting completed
समन्वय आवश्यक
उन्होंने इस अभियान से सम्बंधित सभी विभागो को निर्देशित करते हुए कहा कि साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, जल-भराव न होने देने, शुद्ध पेयजल उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए सभी विभाग प्रचार-प्रसार की व्यापक योजना बनाये, इन रोगों की रोकथाम हेतु सभी विभागों के बीच आपस में समन्वय स्थापित करते हुए एक साथ कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। साथ ही जनपद तथा ब्लाक स्तर पर समन्वय समितियों का गठन कर नियमित अंतराल पर विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्य तथा जनपद में रोग की स्थिति की समीक्षा हेतु इन समितियों की बैठक अवश्य आयोजित की जाये। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिए विभागों के मध्य समन्वय होना आवश्यक है।



