प्रयागराज: मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरूकता लेन और इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है इसके अन्तर्गत जनपद में सोमवार से मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का आगाज़ हो गया I
Mental health treatment and awareness program in women's refugee Khuldabad today
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम
इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम है ‘दयालुता’, जिस को ध्यान में रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य की टीम सप्ताह के प्रत्येक कार्य दिवस में विभिन्न जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन करेगी I इसी कड़ी में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने सी.एम.ओ. डॉ. मेजर जी.एस.बाजपेई एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुषमा श्रीवास्तव, मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय, प्रयागराज के संयुक्त नेतृत्व में मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय के सभागार में मानसिक दिव्यांगता और व्यवहार परिमार्जन तकनीक (मानसिक दिव्यांग बच्चों की देखरेख हेतु माता-पिता के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम) विषय पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया I इसका मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता फैलाना, मानसिक दिव्यांगता का प्रमाणीकरण और उपचार की सुविधा प्रदान करना और सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में उनकी मदद करना है I
मानसिक दिव्यांग बच्चों की देखभाल ठीक तरह से
इसमें पहले दिन जयश्री घोष, यू.पी., स्टेट नोडल एजेंसी सेंटर, ने सभागार में मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, मरीज़ के परिजनों तथा अन्य स्टाफ को दिव्यांग बच्चों की देखरेख के लिए माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी साझा की I मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुषमा श्रीवास्तव ने बताया कोविड-19 के समय लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर, खासकर घर में रह रहे बच्चों और उनके अभिभावकों पर भी इसका असर पड़ा है I मानसिक दिव्यांग लोगों की देखरेख में उनके परिजनों का विशेष महत्व होता है इसलिए सप्ताह की शुरुआत में परिजनों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम एक विशेष महत्व रखता है I अभिभावकों को जागरूक करना और उनकी काउंसलिंग करना आवश्यक है ताकि वह मानसिक दिव्यांग बच्चों की देखभाल ठीक तरह से कर सकें I
स्वास्थ्य उपचार व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कार्यक्रम का संचालन डॉ राकेश कुमार पासवान मनोचिकित्सक परामर्शदाता एवं नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ ईशान्या राज ने किया I उन्होंने विभिन्न मानसिक समस्याओं, उससे संबंधित दिव्यांगता एवं उपचार में मनोचिकित्सक एवं मनोवैज्ञानिक भूमिकाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा किया I कार्यक्रम में साइकेट्रिक सोशल वर्कर जय शंकर पटेल, साइकेट्रिक नर्स शैलेश कुमार ने अपना योगदान दिया तथा सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर ए.के. सिंह ने मरीज़ के परिजनों के सवालों और समस्याओं का जवाब देते हुए समाधान पर बात की I मंगलवार को महिला शरणालय खुल्दाबाद में मानसिक स्वास्थ्य उपचार व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है I
